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प्रार्थना संगसाथछूँटेनहीं सानी कोई नहीं दुख की परिभाषा साहस से बड़ा नहीं समय से बलवान और कोई भी नहीं है दूसरेकेभरोसेबहुतजीलिएअबतक।चलोअबअपनेभरोसेकुछजीकरदिखाएँ। नारी भोजन करने से पहले आका- पाताल है करना क्रोध दुख के पल निसर्ग का संसर्ग आज भी इंसानियत जिंदा हैं जानीपहचानी तुम जग मां जीवन का अंग चाय

Hindi कोई भी दुख Quotes