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नारी सहनशीलता आका- पाताल दुख के पल शांति आज भी इंसानियत जिंदा हैं जानीपहचानी ना हमें दे रहे दवा भी, संगसाथछूँटेनहीं चाय दो एब प्यार अपनी मां ही ज़्यादा नशा है करना दुख क्या है दूसरेकेभरोसेबहुतजीलिएअबतक।चलोअबअपनेभरोसेकुछजीकरदिखाएँ।

Hindi कोई भी दुख Quotes